सर्पसत्र – समीक्षा और रेटिंग अंदर के चित्रों के साथ

सर्पसत्र – समीक्षा और रेटिंग अंदर के चित्रों के साथ

ये कॉमिक्स सर्पसम्राट तौसी और विलक्षण मानव नाग नागराज की पहली टू इन वन कॉमिक्स है। साथ ही ये पहला अवसर होगा ज़ब दो नाग शक्तियों वाले सुपरहीरो का शानदार टकराव देखने को मिलेगा। इसका अगला भाग सर्पद्वन्द है जो शीघ्र ही प्रकाशित होगा।

परिचय इसी जुलाई माह में प्रकाशित हुई ये कॉमिक्स सर्पसम्राट तौसी और विलक्षण मानव नाग नागराज की पहली टू इन वन कॉमिक्स है और इस सीरीज का प्रथम भाग है। इस कॉमिक्स का फैन काफ़ी समय से इंतज़ार कर रहे थे क्यूंकि इसमें एक लम्बे अरसे बाद प्रसिद्द चित्रकार अनुपम जी का काम फिर से देखने को मिलेगा, साथ ही ये पहला अवसर होगा ज़ब दो नाग शक्तियों वाले सुपरहीरो का शानदार टकराव देखने को मिलेगा। इसका अगला भाग सर्पद्वन्द है जो शीघ्र ही प्रकाशित होगा। कहानी - 8.8 कहानी है पाताल के नाग सम्राट तौसी और महानगर के रक्षक...
आजादी की ज्वाला – समीक्षा और रेटिंग

आजादी की ज्वाला – समीक्षा और रेटिंग

आज़ादी की ज्वाला में सबके चहेते सुपरहीरो “ध्रुव” का एक अलग और अनोखा रूप प्रस्तुत किया गया है जिसे क्रान्तिकारी “ध्रुव” बोला जा रहा है।ये कहानी आजादी के पहले वाले “भारत” पर बनी है जहाँ के शहर “राजनगर” में अंग्रेजी हुकूमत की जड़ें हिलाने के लिए स्वतंत्रता सेनानी “ध्रुव” खड़ा आजादी की ज्वाला भड़का रहा है।

"आजादी की ज्वाला" परिचय अभी हाल ही में प्रकाशित हुई ये कॉमिक्स 48 पेज में बनी "ध्रुव" की एक नई सीरीज का पहला भाग है।इस बार सबके चहेते सुपरहीरो "ध्रुव" का एक अलग और अनोखा रूप प्रस्तुत किया गया है जिसे क्रान्तिकारी "ध्रुव" बोला जा रहा है।ये कहानी आजादी के पहले वाले "भारत" पर बनी है जहाँ के शहर "राजनगर" में अंग्रेजी हुकूमत की जड़ें हिलाने के लिए स्वतंत्रता सेनानी "ध्रुव" खड़ा आजादी की ज्वाला भड़का रहा है। कहानी - 6.5/10 इस कॉमिक्स में इस बार "सुपर कमांडो ध्रुव" का एक नया ओरिजिन दिखाया गया है।इसमें कहानी है स्वतंत्रता सेनानी...
मुर्दो  की ट्रेन – समीक्षा और अंदर के चित्र

मुर्दो की ट्रेन – समीक्षा और अंदर के चित्र

शहर से दूर बाहरी इलाके में एक छोटा सा रेलवे स्टेशन, जहां हर रात 12 बजे ‘मृतकों की ट्रेन’ (मुर्दो  की ट्रेन) आती है। अंधेरा होने के बाद स्टेशन पर जाने की किसी की हिम्मत नहीं होती। और अगर कोई संयोगवश रात में स्टेशन पर आता है… ट्रेन ऑफ द डेड से मृतक उन दुर्भाग्यपूर्ण आत्माओं को उनमें से एक में बदल देते हैं। यह प्रेतवाधित स्टेशन सालों से रहस्यमयी मौतों का गवाह रहा है। कहानी की नायिका दीया, जिसने मुर्दो की ट्रेन में अपने किसी प्रिय को भी खो दिया है, अब इसके रहस्य को हमेशा के लिए सुलझाने पर आमादा है। उसके साथ एक बहादुर युवा बालक, इंस्पेक्टर विनय भी है। मृतकों की सेना के साथ उनके भयानक टकराव के बारे में पढ़ें, इस कॉमिक में, मुर्दो की ट्रेन।

मुर्दो की ट्रेन - सारांश शहर से दूर बाहरी इलाके में एक छोटा सा रेलवे स्टेशन, जहां हर रात 12 बजे 'मृतकों की ट्रेन' (मुर्दो  की ट्रेन) आती है। अंधेरा होने के बाद स्टेशन पर जाने की किसी की हिम्मत नहीं होती। और अगर कोई संयोगवश रात में स्टेशन पर आता है... ट्रेन ऑफ द डेड से मृतक उन दुर्भाग्यपूर्ण आत्माओं को उनमें से एक में बदल देते हैं। यह प्रेतवाधित स्टेशन सालों से रहस्यमयी मौतों का गवाह रहा है। कहानी की नायिका दीया, जिसने मुर्दो की ट्रेन में अपने किसी प्रिय को भी खो दिया है, अब इसके रहस्य...
फौलाद, मास्टरमाइंड और मास्टरप्लान – समीक्षा और अंदर के चित्र

फौलाद, मास्टरमाइंड और मास्टरप्लान – समीक्षा और अंदर के चित्र

सूर्यकांत एक वैज्ञानिक है जिसे आंतकियों के मंसूबो को पूरा होने से रोकने के लिए ऐसे अत्याधुनिक फौलादी कवच का आविष्कार करना पड़ता है जिसे पहन के वो बन जाता है विशालनगर का रखवाला, “फौलाद। फौलाद फेनिल कॉमिक्स के अभी तक समीक्षा किये हुए बाकी दोनों किरदार यानी बजरंगी और क्राइमफाइटर से काफी बेहतर है। अगर आप फेनिल कॉमिक्स को पढ़ना चाहते है तो आप निसंकोच फौलाद श्रृंखला पढ़ सकते है जिसका आखिरी भाग चित्रांकन के मामले में सब से बेहतर फेनिल कॉमिक है वहीँ पहले २ भागो का कुल मिलकर मूल्य केवल ६० रूपए है।

फौलाद श्रृंखला - सार फौलाद यानी सूर्यकांत एक वैज्ञानिक है जिसे आंतकियों के मंसूबो को पूरा होने से रोकने के लिए ऐसे अत्याधुनिक फौलादी कवच का आविष्कार करना पड़ता है जिसे पहन के वो बन जाता है विशालनगर का रखवाला, "फौलाद।  फौलाद श्रृंख्ला में अभी तक तीन कॉमिक्स प्रकाशित हो चुकी है जिनके नाम है; फौलाद, मास्टरमाइंड और मास्टरप्लान।  कॉमिक की कहानी फौलाद, कोबरा और उसके आतंकी संघटन के इर्द गिर्द घूमती है जिसमे कई दिलचस्प मोड़ आते है लेकिन साथ साथ कहानी खींची हुई सी भी महसूस होती है।  फौलाद की कहानी शुरू में मार्वल के आयरन मैन से...
सपेरा – समीक्षा और अंदर का चित्रांकन

सपेरा – समीक्षा और अंदर का चित्रांकन

सपेरा कॉमिक्स की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस तरह से लगा सकते है की एक समय पर इसके विज्ञापन दूरदर्शन पर दिखाए जाते थे। इस कॉमिक में नागराज का सामना ऐसे ख़तरनाक विलन से होता है जिसके आगे उसकी सारी शक्तियां भी असफल हो जाती है और शक्तिहीन हो चूका नागराज मौत की कगार पर पहुँच जाता है। ये कॉमिक्स नागराज की उन बेहतरीन कॉमिक्स में से एक है जिसकी आर्ट और स्टोरी उसे बेस्ट कॉमिक्स की लिस्ट में रखने को मजबूर करती है।

"सपेरा" परिचय साल 1999 में प्रकाशित हुई ये कॉमिक्स सिंगल इशू कॉमिक विशेषांक है जो 64 पेजस में बनी है। इसमें "नागराज" का सामना ऐसे ख़तरनाक विलन से होता है जिसके आगे उसकी सारी शक्तियां भी असफल हो जाती है और शक्तिहीन हो चूका नागराज मौत की कगार पर पहुँच जाता है। ये कॉमिक्स नागराज की उन बेहतरीन कॉमिक्स में से एक है जिसकी आर्ट और स्टोरी उसे बेस्ट कॉमिक्स की लिस्ट में रखने को मजबूर करती है। एक ज़माने में इसके विज्ञापन को दूरदर्शन टीवी में भी दिखाया जाता था जो शायद प्रचार का अनोखा तरीका था। इसी विज्ञापन...
डोगा – “कायर” एवं “हाथ और हथियार” – समीक्षा

डोगा – “कायर” एवं “हाथ और हथियार” – समीक्षा

कुल मिलाकर दोनों भाग बहुत बढ़िया बने हैँ और अगर एक जबरदस्त एक्शन और इमोशन से लबरेज कॉमिक्स सीरीज पढ़ना चाहते हों तो देर ना करें।  आज ही पढ़ें। 

"कायर" और "हाथ और हथियार" परिचय दो पार्ट में बनी डोगा की ये शानदार सीरीज का रिव्यु लेकर आपके सामने हाजिर हु।  साल 1997 में प्रकाशित हुई डोगा की ये सीरीज इंस्पेक्टर असलम के बारे में हैँ जो अपने कायरपन की वजह से अपराधियों के आगे घुटने टेक देता है।  तब रात का रक्षक डोगा आकर उसे संभालता है और कैसे उसमें हिम्मत और आत्मविश्वास जगाता है,कॉमिक्स इसी बारे में है।  सीरीज के दोनों भाग जनरल इशू हैँ जिनमे प्रत्येक में 32 पेज हैँ।  डोगा की कॉमिक्स का ये नया किरदार असलम उसकी आगे आने वाली कहानियों में अहम् भूमिका...
नरक नाशक उत्तपत्ती श्रृंखला – समीक्षा और चित्रांकन

नरक नाशक उत्तपत्ती श्रृंखला – समीक्षा और चित्रांकन

नागराज के जीवन और उसके अनोखे सफर की कथा बताती इस सीरीज के अभी तक कुल 6 भाग प्रकाशित हुए है जिनके नाम “मकबरा”,”तक्षक”,”नरक नाशक”,”नरक नियति”,”नरक दंश” और ‘नरक आहुति” हैँ। इसके आगे की कहानी “नागग्रन्थ” में बताई जाएगी जिसकी प्रकाशन तिथि अभी निर्धारित नहीं है। साल 2012 से शुरू हुई ये जबरदस्त सीरीज आज भी पाठकों के दिलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाये हुए है और इसमें कोई संदेह नहीं कि इसका आने वाला भाग “नागग्रन्थ” कॉमिक की दुनिया में नये आयामों को छुएगा।

नागराज के जीवन और उसके अनोखे सफर की कथा बताती इस सीरीज के अभी तक कुल 6 भाग प्रकाशित हुए है जिनके नाम "मकबरा","तक्षक","नरक नाशक","नरक नियति","नरक दंश" और 'नरक आहुति" हैँ। इसके आगे की कहानी "नागग्रन्थ" में बताई जाएगी जिसकी प्रकाशन तिथि अभी निर्धारित नहीं है। साल 2012 से शुरू हुई ये जबरदस्त सीरीज आज भी पाठकों के दिलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाये हुए है और इसमें कोई संदेह नहीं कि इसका आने वाला भाग "नागग्रन्थ" कॉमिक की दुनिया में नये आयामों को छुएगा। कहानी – 9 नागतंत्रिका "नगीना" की मदद से अपने पुराने दुश्मनों तांत्रिक "विषंधर" और "तुतेन...
हवलदार बहादुर मनोज कॉमिक्स (Set 1) – समीक्षा और अंदर का चित्रांकन

हवलदार बहादुर मनोज कॉमिक्स (Set 1) – समीक्षा और अंदर का चित्रांकन

हवलदार बहादुर मनोज कॉमिक्स का एक बहुत ही लोकप्रिय किरदार रहा है। इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते है की मनोज कॉमिक्स के प्रकाशन को बंद हुए २ दशक बीत चुके थे लेकिन हवलदार बहादुर की यादें अभी भी उसके पाठको के बीच धूमिल नहीं हुई थी। और ये हवलदार बहादुर की ख़तम न होने वाली लोकप्रियता और उसके प्रशंसकों की हट का ही नतीजा है जो हवलदार बहादुर का पुनः प्रकाशन मुमकिन हो पाया है। 

हवलदार बहादुर - परिचय हवलदार बहादुर मनोज कॉमिक्स का एक बहुत ही लोकप्रिय किरदार रहा है। इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते है की मनोज कॉमिक्स के प्रकाशन को बंद हुए २ दशक बीत चुके थे लेकिन हवलदार बहादुर की यादें अभी भी उसके पाठको के बीच धूमिल नहीं हुई थी। और ये हवलदार बहादुर की ख़तम न होने वाली लोकप्रियता और उसके प्रशंसकों की हट का ही नतीजा है जो हवलदार बहादुर का पुनः प्रकाशन मुमकिन हो पाया है।  लेकिन अक्सर देखा गया है की पुरानी कॉमिक्स को पसंद करने के पीछे अतीत के सुनहरे...
प्रेमम #2 (MAZE COMICS) – समीक्षा अंदर के चित्रांकन के साथ

प्रेमम #2 (MAZE COMICS) – समीक्षा अंदर के चित्रांकन के साथ

प्रेमम भाग 2 में यश मीरा का पीछा करता एक अनजान दुनिया, समय या आयाम में पहुँचता है। लेकिन यश की खोजबीन के बाद भी उसे मीरा का नाम और निशान नहीं मिलता। इस खोजबीन में यश की मुलाकात होती है कुछ नए किरदारों से जिनका नाम है ब्रोंटो और थेरी। जिनसे यश को पता चलता है की इस विचित्र और अनजान दुनिया में एक जुंग छिड़ी हुई है जिसमे कुछ भक्षक, तो कुछ रक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। परिस्थितिओं के अनुकूल जा कर यश ब्रोंटो और थेरी की मदद करने का निर्णय लेता है वहीँ बदले में ब्रोंटो और थेरी उसे मीरा से मिलवाने में मदद का आश्वाशन देते है। प्रेमम भाग 2 में इसी विचित्र दुनिया और इस में रहने वाले तरह तरह के जीवो पर ध्यान केंद्रित किया गया है। लेकिन सवाल ये है की क्या यश और मीरा मिल पाए या नहीं। इसका जवाब आपको मिलेगा प्रेमम भाग 2 को पढ़ कर।

प्रेमम भाग 2 - कहानी का सार प्रेमम भाग 2 में यश मीरा का पीछा करता एक अनजान दुनिया, समय या आयाम में पहुँचता है।  लेकिन यश की खोजबीन के बाद भी उसे मीरा का नाम और निशान नहीं मिलता।  इस खोजबीन में यश की मुलाकात होती है कुछ नए किरदारों से जिनका नाम है ब्रोंटो और थेरी। जिनसे यश को पता चलता है की इस विचित्र और अनजान दुनिया में एक जुंग छिड़ी हुई है जिसमे कुछ भक्षक, तो कुछ रक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। परिस्थितिओं के अनुकूल जा कर यश ब्रोंटो और थेरी की मदद करने का...
हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – समीक्षा और अंदर के चित्र

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – समीक्षा और अंदर के चित्र

कोलकाता कॉमिक्स की कहानिया पढ़ने के लिए हम जितने उत्साहित थे उस से ज्यादा निराशा हाथ लगी। 10 कहानिया पढ़ने के बाद हालत ऐसी थी की बुरी नहीं बल्कि ठीक ठाक कहानिया चुन नी पड़ गई।  एक पेड़ एक जान और मौत की घाटी दो ऐसी कहानिया रही जिन को पढ़ कर कहानीकार के लिए बुरा लगा क्यूंकि बाकी कहानिओ की वजह से उनके काम को भी वाहवाही नहीं मिल पाएगी।

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – सार हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान कोलकाता कॉमिक्स के अंदर प्रकाशित बंगाली कॉमिक्स का हिंदी संस्करण है। दोनों ही कॉमिक्स में कुल १० छोटी छोटी कहानिया है जिन्हे अलग अलग कलाकारों ने त्यार किआ है।  हैप्पी बर्थ डे - सदस्य मौत की घाटीचित्र - राहुल घोषकपालिककथा - सौभिक दास, चित्र - शुभमय कुंडूहैप्पी बर्थ डेकथा एवं चित्र - सोहम बागचीसड़ककथा एवं चित्र - सृजन कांजीलालपोषम पाकथा - जॉन हॉफमैन, चित्र - सुमंत पालचिट्ठीकथा - सायंतनी, चित्र - शुभमय कुंडू एक पेड़ एक जान - सदस्य रांग नंबरकथा एवं...