आधिरा मोहि 3 (लूटेरे, हैवान और खौफनाक रहसय) – समीक्षा और अंदर के चित्र

आधिरा मोहि 3 (लूटेरे, हैवान और खौफनाक रहसय) – समीक्षा और अंदर के चित्र

आधिरा मोहि 3 की कहानी के बारे में आप अब तक कुछ कुछ जान चुके होंगे।  कहानी केंद्रित है 5 लोगो के एक संगठन से जो बिजय बैंक को लूटने की योजना बना के बैंक में दाखिल होता है लेकिन उनका वहां से बैंक लूट के निकलना मील का पत्थर साबित होता है। यहाँ से शुरू होता है एक खुनी खेल जो एक एक कर के सभी डकेतो को अपना शिकार बनाना शुरू करता है।  कहानी बहुत ही खूबसूरती से गड़ी गई है जिसमे सस्पेंस तो बराबर बना ही रहता है लेकिन सभी डकेतो की कम से कम शब्दों में परिस्थितिओ से भी अवगत करवाया जाता है जिस ने उन्हें बैंक लूटने पर मजबूर किआ।  लेकिन कहानी उतनी सरल और सीधी नहीं जितनी सुनाई पढ़ रही है। जो जो आश्विन कलमाने जी की लेखन से अवगत है वो इस बात को खास तौर पर समझते होंगे।

तो कौन है जो इन डकेतो के पीछे हाथ धो के पढ़ा है? कहानी के हर मोड़ पर एक रहस्य उजागार होता है और कहानी के अंत तक सब रहस्यो से  परते उठ भी जाती है। एक चीज़ जो पाठको को सोचने पर मजबूर कर रही होगी की आधिरा मोहि कहाँ है।  हम लोग तो आधिरा मोहि का इंतजार कर रहे थे।  तो फ़िक्र न करे कहानी आधिरा मोहि से हे जुडी हुई है।  लेकिन कैसे जुडी है ये जान ने के लिए आपको आधिरा मोहि 3 पढ़नी होगी ।

आधिरा मोहि 3 - लूटेरे, हैवान और खौफनाक रहसय - समीक्षा आधिरा मोहि 3 सन 2020 में प्रकाशित होने वाली आखिरी भारतीय कॉमिक होने जा रही है और इसे पढ़ कर हम ये जरूर कह सकते है की इस से आप बिलकुल भी निराश नहीं होंगे।  अगर इस से पहले के भागो में आप को आधिरा मोहि 2 भाग 1 से अधिक दिलचस्प लगी है तो ये मान ली जिए की इस बार की कहानी उसके मुक़ाबले 2 गुणा उत्साहजनक और सनसनीखेज है।  यदि आप को आधिरा मोहि भाग 1 ज्यादा भाई थी जिसमे न केवल आधिरा मोहि को जान...
यज्ञा भाग 1 और 2 – समीक्षा (No Spoiler Review with Inside Pictures)

यज्ञा भाग 1 और 2 – समीक्षा (No Spoiler Review with Inside Pictures)

यज्ञा भाग एक की कहानी शुरू होती है प्रज्ञा से जो की एक कॉमिक बुक आर्टिस्ट और लेखक दोनों है I प्रज्ञा के माध्यम से...
यज्ञा भाग एक की कहानी शुरू होती है प्रज्ञा से जो की एक कॉमिक बुक आर्टिस्ट और लेखक दोनों है I प्रज्ञा के माध्यम से भारत में डूबती कॉमिक इंडस्ट्री की दुर्दशा दिखाई गई है । प्रज्ञा भारत के पूर्व प्रचलित कॉमिकस के लेखक प्रशांत पराशर की बेटी है जिसका सपना अपने पिता की तरह कॉमिक में नाम कमाना है। लेकिन कॉमिक इंडस्ट्री के दिन प्रतिदिन कम होती लोकप्रियता के कारण प्रज्ञा अपनी नौकरी खो बैठती है जिस से प्रज्ञा बुरी तरह टूट जाती है। लेकिन जिस देश में कॉमिक्स ने लाखो बच्चो के जीवन को सवांरा हो वहाँ इसे...
आधिरा मोही भाग 1 और 2 की  समीक्षा (No Spoiler Review) – Indian Comics Hindi

आधिरा मोही भाग 1 और 2 की समीक्षा (No Spoiler Review) – Indian Comics Hindi

अधीरा मोही महिला किरदारों पर बनी हाल ही की कॉमिक्स में सबसे बेहतरीन श्रृंखला है| आधुनिक महिलाओँ की सामाजिक भूमिका अब कमजोर और बेबस महिलाओ सी नहीं रह गई हैI समय या प्रतिकूल परिस्थितिओ में भी वो आदमीओ से ना की कन्धा मिला सकती है अपितु आगे भी निकल सकती है| अधीरा और मोही का सफर भी उन्हें कुछ ऐसे हे सफर पर ले चला है जहाँ उन्हें हर कदम पर एक नई मुश्किल का सामना करना हैI और इस सफर पर जो जिगरी सहेलियां साथ हो तो उन्हें शैतान हो या ज़ोंबी कोई नहीं रोक सकताI

अगर आप को अंदाज़ा कॉमिक के टाइटल से ना लगा हो तो बता देते है की अधीरा और मोही 2 अलग अलग शक्शियतो का नाम है जो की इस कॉमिक श्रृंखला की एहम किरदार हैंI कॉमिक की शुरुआत में हमें पता चलता है की एक फैक्ट्री का रसायन जो की डिस्पोस करने के लिए रखा गया था वो कुछ लापरवाही की वजह से गटर के पानी में मिल जाता हैI और उसी गटर के पानी से एक बड़े पैमाने में सब्जिओं की सिचांई हो रही थीI है न एक पर्फेक्ट ज़ोंबी ऑउटब्रेक ओरिजिन स्टोरी? ज़ॉम्बीज़ पर इतना कुछ हॉलीवुड मसाला...
इन्फर्नो (Inferno) – समीक्षा (No Spoiler Review) – Indian Comics Hindi

इन्फर्नो (Inferno) – समीक्षा (No Spoiler Review) – Indian Comics Hindi

इन्फर्नो बुल्सआई की बाकी की कॉमिक्स की तरह बेहतरीन कॉमिक है। कॉमिक की केवल एक कमज़ोर कड़ी है वो है इसका चित्रांकन और रंगसज्जा। कहानी का लेखन और कलपना बहुत ही उम्दा है। कहानी के अंत में जो हुआ उसने हमें खयालो की दुनिया में कुछ सवालो के साथ छोड़ दिआ।

इन्फर्नो एक सिंगल अंक में प्रकाशित कॉमिक है जो की 24 पन्नो में पूरी हो जाती है। इन्फर्नो की कहानी शुरू होती है कहानी की एहम किरदार से जो की आइलैंड में मूर्छित दिखाइ गई है और ये तय नहीं कर पा रही की वो ज़िंदा भी है या नहीं। मूर्छित अवस्था से उठने के बाद वो खुद को वहां अकेला पाती है। अपनी यादें और यहाँ तक की अपना नाम खो चुकी लड़की अपने सवालो का जवाब ढूंढ़ने द्वीप के अंदर घने वन का रुख करती है | आगे कहानी क्या मोड़ लेती है ये बहुत दिलचिस्प है। कहानी...
ज़ालिम मांझा – समीक्षा (No Spoiler Review)

ज़ालिम मांझा – समीक्षा (No Spoiler Review)

ज़ालीम माँझा यानी अपना भाई माएकल माँझा, ज़िसका सबको बेसब्री से इंतेजार था, अपनी उमीदो पर खरा उतरती हैI अगर वाकई किसी कहानी को पढ़ने में मुझे हाल ही में सब से ज्यादा मजा आया हो तो वो है ज़ालिम मांझाI कॉमिक को पढ़ने के बाद जितनी ख़ुशी हुई उसे से एक ही ख्याल सबसे पहले आया की इसे कहते है फटा पोस्टर निकला हीरोI

ज़ालिम मांझा कहानी है कैदी माइकल मांझा की जो की एक पागलखाने में कैद है. कहानी की शुरुरात होती है जॉब की तलाश करते हवेली पहुंची नीना जोसफ से, जो की पागलखाने के लिए इस्तेमाल हो रहा हैI हवेली में प्रवेश करने के बाद से ही नीना के सर में तेज़ दर्द शुरू हो जाता हैI नीना को जल्द ही अपनी शिफ्ट में काम कर रहे मैनेजर सारा काम समझा देते है और सेल नंबर 9 से दूर रहने को कहते हैI आखिर सेल नंबर 9 में ऐसा कौन सा मरीज है? और और उस से ख़ास दूरी बनाए रखने...