फौलाद, मास्टरमाइंड और मास्टरप्लान – समीक्षा और अंदर के चित्र

फौलाद, मास्टरमाइंड और मास्टरप्लान – समीक्षा और अंदर के चित्र

सूर्यकांत एक वैज्ञानिक है जिसे आंतकियों के मंसूबो को पूरा होने से रोकने के लिए ऐसे अत्याधुनिक फौलादी कवच का आविष्कार करना पड़ता है जिसे पहन के वो बन जाता है विशालनगर का रखवाला, “फौलाद। फौलाद फेनिल कॉमिक्स के अभी तक समीक्षा किये हुए बाकी दोनों किरदार यानी बजरंगी और क्राइमफाइटर से काफी बेहतर है। अगर आप फेनिल कॉमिक्स को पढ़ना चाहते है तो आप निसंकोच फौलाद श्रृंखला पढ़ सकते है जिसका आखिरी भाग चित्रांकन के मामले में सब से बेहतर फेनिल कॉमिक है वहीँ पहले २ भागो का कुल मिलकर मूल्य केवल ६० रूपए है।

फौलाद श्रृंखला - सार फौलाद यानी सूर्यकांत एक वैज्ञानिक है जिसे आंतकियों के मंसूबो को पूरा होने से रोकने के लिए ऐसे अत्याधुनिक फौलादी कवच का आविष्कार करना पड़ता है जिसे पहन के वो बन जाता है विशालनगर का रखवाला, "फौलाद।  फौलाद श्रृंख्ला में अभी तक तीन कॉमिक्स प्रकाशित हो चुकी है जिनके नाम है; फौलाद, मास्टरमाइंड और मास्टरप्लान।  कॉमिक की कहानी फौलाद, कोबरा और उसके आतंकी संघटन के इर्द गिर्द घूमती है जिसमे कई दिलचस्प मोड़ आते है लेकिन साथ साथ कहानी खींची हुई सी भी महसूस होती है।  फौलाद की कहानी शुरू में मार्वल के आयरन मैन से...
क्राइमफाइटर, ब्लैक गोल्ड और मुखबिर – समीक्षा और अंदर के चित्र

क्राइमफाइटर, ब्लैक गोल्ड और मुखबिर – समीक्षा और अंदर के चित्र

क्राइमफाइटर उत्पति श्रृंखला में अभी तक तीन कॉमिक्स आईं है जिनके नाम है क्राइमफाइटर, ब्लैक गोल्ड और मुखबिर। कहानी का अगला भाग जिसका नाम “मैं हूँ अंगरक्षक” जल्दी ही आने वाला है जिसमे क्राइम फाइटर के जन्म और उसके आरम्भ से जुडी कहानी कहानी बताई जाएगी। क्राइमफाइटर के बारे में कम शब्दों में कहें तो ये कहानी इंस्पेक्टर सौरभ सक्सेना की है जिसने कानून के हाथ बंधे होने के कारण अप्राधिओं को सजा देने के लिए चुना है गैर कानूनी तरीका और उसके लिए इंस्पेक्टर सौरभ को बन ना पड़ेगा क्राइमफाइटर।

क्राइमफाइटर उत्पत्ति श्रृंखला – सार क्राइमफाइटर उत्पति श्रृंखला में अभी तक तीन कॉमिक्स आईं है जिनके नाम है क्राइमफाइटर, ब्लैक गोल्ड और मुखबिर।  कहानी का अगला भाग जिसका नाम "मैं हूँ अंगरक्षक" जल्दी ही आने वाला है जिसमे क्राइम फाइटर के जन्म और उसके आरम्भ से जुडी कहानी कहानी बताई जाएगी।  क्राइमफाइटर के बारे में कम शब्दों में कहें तो ये कहानी इंस्पेक्टर सौरभ सक्सेना की है जिसने कानून के हाथ बंधे होने के कारण अप्राधिओं को सजा देने के लिए चुना है गैर कानूनी तरीका और उसके लिए  इंस्पेक्टर सौरभ को बन ना पड़ेगा क्राइमफाइटर।  क्राइमफाइटर उत्पत्ति श्रृंखला की...
बजरंगी वानप्रस्थ श्रृंखला (1411, सिम्हा और ग़दर) – समीक्षा और अंदर के चित्र

बजरंगी वानप्रस्थ श्रृंखला (1411, सिम्हा और ग़दर) – समीक्षा और अंदर के चित्र

बजरंगी की परिकल्पना फेनिल शेरदीवाला जी की है और इसके लेखन में उनका साथ दिया है वीरेंदर कुशवाह ने। बजरंगी की परिकल्पना करते हुए फेनिल शेरदीवाला जी ने इस बात को प्राथमिकता दी है की उनकी कहानी का हीरो पूरी तरह देसी लगे। बजरंगी गाओं का एक जिनगारी योद्धा था जिसने अंग्रेज़ो के खिलाफ लड़ाई में एक हैं भूमिका निभाई था।

बजरंगी वानप्रस्थ श्रृंखला - सार बजरंगी वानप्रस्थ श्रृंखला में अब तक तीन भाग आ चुके है जिनके नाम है 1411, सिम्हा और ग़दर क्रमश।  बजरंगी वानप्रस्थ श्रृंखला का अगला भाग कोडिया जल्दी ही आने वाला है।  बजरंगी की परिकल्पना फेनिल शेरडीवाला जी की है और इसके लेखन में उनका साथ दिया है वीरेंदर कुशवाह ने।  बजरंगी की परिकल्पना करते हुए फेनिल शेरडीवाला जी ने इस बात को प्राथमिकता दी है की उनकी कहानी का हीरो पूरी तरह देसी लगे।  बजरंगी गाओं का रहने वाला एक जिनगारी योद्धा था जिसने अंग्रेज़ो के खिलाफ लड़ाई में एक एहम भूमिका निभाई थी।  कहानी...
एक्सिलियम (भाग 1 और 2) – समीक्षा और कॉमिक के अंदर का चित्रांकन

एक्सिलियम (भाग 1 और 2) – समीक्षा और कॉमिक के अंदर का चित्रांकन

एक्सिलियम की कहानी की परिकल्पना इक्कीसवी शताब्दी के अंत की है जब पहली बार पृथ्वीवासिओ का संपर्क परग्रहिओं से होता है। परग्रहियों का अपने ग्रह से पलायन करने का कारण एक ख़ास शत्रु था और पृथ्वी से उन्हें उम्मीद थी शरण पाने की। परग्रहीओ ने पृथिवी वासिओ और सरकार के साथ बहुत से समझौते करे लेकिन इतना करने पर भी बहुत से पृथ्वीवासिओ को ये गवारा न हुआ। जिस से कई वर्षो तक पृथ्वी पर इसके विरोधी आंदोलन चलते रहे। और अंततः पृथ्वी का विभाजन दो हिसो में हो गया एक हिस्सा वो जहाँ केवल पृथ्वीवासी रहने लगे और एक वो जहाँ दोनों पृथ्वी वासी और परग्रही। लेकिन कहानी अभी ख़तम नहीं हुई है। पृथ्वी पर एक नया खतरा मंडरा रहा है और इस खतरे से पृथिवासी पुनःताः परिचित है। कैसे करेंगे पृथिवासी और परग्रही इस खतरे का सामना ? कौन और कैसा खतरा है ये ? जान ने के लिए आपको पढ़ना होगा एक्सिलियम।

एक्सिलियम विदेशी कॉमिक का हिंदी में प्रकाशित होने वाला संस्करण है जो की भारत में फेनिल कॉमिक्स द्वारा किआ जा रहा है।  अभी तक एक्सिलियम के 2 भाग हिंदी में प्रकाशित हो चुके है।  एक्सिलियम भारत में केवल फेनिल कॉमिक्स की वेबसाइट पर खरीदारी के लिए उपलब्ध है।  एक्सिलियम का सार एक्सिलियम की कहानी की परिकल्पना इक्कीसवी शताब्दी के अंत की है जब पहली बार पृथ्वीवासिओ का संपर्क परग्रहिओं से होता है। परग्रहियों का अपने ग्रह से पलायन करने का कारण एक ख़ास शत्रु था और पृथ्वी से उन्हें उम्मीद थी शरण पाने की।  लेकिन जितना ये सुन में आसान...