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हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – समीक्षा और अंदर के चित्र

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – सार

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान कोलकाता कॉमिक्स के अंदर प्रकाशित बंगाली कॉमिक्स का हिंदी संस्करण है। दोनों ही कॉमिक्स में कुल १० छोटी छोटी कहानिया है जिन्हे अलग अलग कलाकारों ने त्यार किआ है। 

हैप्पी बर्थ डे – सदस्य

  • मौत की घाटी
    • चित्र – राहुल घोष
  • कपालिक
    • कथा – सौभिक दास, चित्र – शुभमय कुंडू
  • हैप्पी बर्थ डे
    • कथा एवं चित्र – सोहम बागची
  • सड़क
    • कथा एवं चित्र – सृजन कांजीलाल
  • पोषम पा
    • कथा – जॉन हॉफमैन, चित्र – सुमंत पाल
  • चिट्ठी
    • कथा – सायंतनी, चित्र – शुभमय कुंडू

एक पेड़ एक जान – सदस्य

  • रांग नंबर
    • कथा एवं चित्र – आभास चक्रवती
  • अवाक पलायन
    • कथा एवं चित्र – देबाशीष विश्वाश
  • सहयात्री
    • कथा एवं चित्र – देबप्रिय सेनगुप्ता
  • एक पेड़ एक जान
    • कथा एवं चित्र – पुतुल एवं अभिषेक विश्वास

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – मुख्य सदस्य

  • हिंदी अनुवाद – शोभन मजूमदार
  • कलर – संगीता त्रिपाठी एवं आदित्य
  • कलर इफ़ेक्ट – बसंत पंडा, विष्णु शर्मा
  • शब्दांकन – हरीश दास मानिकपुरी
  • कवर आर्ट – सोहम, बसंत पंडा
  • संपंदान – सुशांत पंडा, बसंत पंडा

 हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – कहानी – 2

कोलकाता कॉमिक्स की कहानिया पढ़ने के लिए हम जितने उत्साहित थे उस से ज्यादा निराशा हाथ लगी। 10 कहानिया पढ़ने के बाद हालत ऐसी थी की बुरी नहीं बल्कि ठीक ठाक कहानिया चुन नी पड़ गई।  एक पेड़ एक जान और मौत की घाटी दो ऐसी कहानिया रही जिन को पढ़ कर कहानीकार के लिए बुरा लगा क्यूंकि बाकी कहानिओ की वजह से उनके काम को भी वाहवाही नहीं मिल पाएगी। 

ये दोनों कॉमिक पढ़ कर हम इतने निराश थे की पहली बार धोखा धड़ी महसूस हुई।  दोनों कॉमिक्स में अंदर का चित्रांकन और कहानिया ज्यादातर हिस्सों में इतनी बचकाना है की अगर ये सब पढ़ने को और देखने को फ्री में भी मिले तो शायद ही कोई इसे पढ़ना चाहे।  अगर आप को इस तरह की सामग्री उसी मूल्य में परोस दी जाए जिसमे आप अछि कॉमिक्स पढ़ने के आदि हो रहे हैं तो आप और क्या महसूस करेंगे?

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कहानिया इतनी बचकानी है की इनका स्पोइलर देने से भी हमें कोई परहेज़ नहीं।  एक कहानी तो केवल एक पन्ने की है जिसमे मरे हुए इंसान को 6 महीने से ये नहीं पता की वो मर गया है।  दूसरी कहानी ऐसी है की एक दोस्त को उसका दूसरा दोस्त जो कुछ महीने पहले मर गया था वो लेने आया है।  बस ! जी हाँ बस इतना ही ! एक कहानी में भूत दिखता है, वो मुख्य किरदार का पीछा करता है और अंत में पता चलता है की मुख्य किरदार सपना देख रहा था।  सच में?

क्या हमारे देश में कहानी लिखने वालो की कमी हो गई है? कहानी लेखन में सबसे बड़ा नियम यही है की आप की कहानी का आधार स्तम्भ एक सपना नहीं हो सकता। खेर ये बात सब को पता नहीं होती और खासतौर पर पाठक को बस अच्छी कहानियो की दरकार होती है।  लेकिन अफ़सोस कोलकाता कॉमिक्स की दोनों कहानिया पूरी तरह से बचकानी है। 

कहानी को कुल मिला कर 2 अंक 2 ठीक ठाक कहानिओ के लिए। 

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – चित्रांकन – 3

दोनों कॉमिक्स में चित्रांकन की गति कहानिओ से कुछ ज्यादा अलग नहीं है।  एक दो कहानिओ में तो चित्रांकन ऐसा प्रतीत होता है जैसे की प्राथमिक कक्षा के बच्चो ने किआ हो।  इस से ज्यादा कुछ भी कहना हमारे बस से बहार की बात है।  दोनों कॉमिक्स में से कुछ नायब हीरे आप इस समीक्षा के साथ देख सकते है।  चित्रांकन के लिए 3 अंक क्यूंकि तीन कहानिओ में चित्रांकन ठीक ठाक था। 

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हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – सुलेख और ग्राफ़िक डिज़ाइन – 2

सुलेख और कहानी दोनों इस अमूल्य अनुभव के बराबर ज़िम्मेदार है। 

ग्राफ़िक डिज़ाइन भी कोई अलग से छाप छोड़ने में असमर्थ रहा।  केवल एक पेड़ एक जान का शीर्षक थोड़ा कॉमिक में दिलचस्पी बढ़ाता है। 

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – कवर आर्ट – 3.5

एक पेड़ एक जान का कवर थोड़ा आकर्षक लगता है लेकिन चित्र विस्तृत नहीं है।  नजदीक से देखने में भी आपको चित्र समझ में नहीं आता।  वहीँ हैप्पी बर्थ डे में एक के चित्र में कोई नयापन नहीं है। 

एक पेड़ एक जान – 4

हैप्पी बर्थ डे – 3

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – अन्य जानकारी

  • कुल पन्ने – हैप्पी बर्थ – 24, एक पेड़ एक जान – 20
  • भाषाओ में उपलब्ध – हिंदी
  • मूल्य – हैप्पी बर्थ – 140, एक पेड़ एक जान – 120
  • पेपर – ग्लॉसी
  • कवर – पेपरबैक

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान – कहाँ से खरीदे

फिक्शन कॉमिक्स इन कॉमिक्स के हिंदी रुप्पनतारन के आधिकारिक प्रकाशक है।  आप इन्हे फिक्शन कॉमिक्स की आधिकारिक वेबसाइट से यहाँ खरीद सकते है 👈

हैप्पी बर्थ डे एवं एक पेड़ एक जान - समीक्षा
  • 2/10
    कहानी - 2/10
  • 3/10
    चित्रांकन - 3/10
  • 2/10
    सुलेख और ग्राफ़िक डिज़ाइन - 2/10
  • 3.5/10
    कवर आर्ट - 3.5/10
2.6/10

Summary

कोलकाता कॉमिक्स की कहानिया पढ़ने के लिए हम जितने उत्साहित थे उस से ज्यादा निराशा हाथ लगी। 10 कहानिया पढ़ने के बाद हालत ऐसी थी की बुरी नहीं बल्कि ठीक ठाक कहानिया चुन नी पड़ गई।  एक पेड़ एक जान और मौत की घाटी दो ऐसी कहानिया रही जिन को पढ़ कर कहानीकार के लिए बुरा लगा क्यूंकि बाकी कहानिओ की वजह से उनके काम को भी वाहवाही नहीं मिल पाएगी।

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