मुर्दो  की ट्रेन – समीक्षा और अंदर के चित्र
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मुर्दो की ट्रेन – समीक्षा और अंदर के चित्र

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मुर्दो की ट्रेन – सारांश

शहर से दूर बाहरी इलाके में एक छोटा सा रेलवे स्टेशन, जहां हर रात 12 बजे ‘मृतकों की ट्रेन’ (मुर्दो  की ट्रेन) आती है। अंधेरा होने के बाद स्टेशन पर जाने की किसी की हिम्मत नहीं होती। और अगर कोई संयोगवश रात में स्टेशन पर आता है… ट्रेन ऑफ द डेड से मृतक उन दुर्भाग्यपूर्ण आत्माओं को उनमें से एक में बदल देते हैं। यह प्रेतवाधित स्टेशन सालों से रहस्यमयी मौतों का गवाह रहा है। कहानी की नायिका दीया, जिसने मुर्दो की ट्रेन में अपने किसी प्रिय को भी खो दिया है, अब इसके रहस्य को हमेशा के लिए सुलझाने पर आमादा है। इस कार्य में उसका साथ दे रहा है एक बहादुर इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर विनय। मृतकों की सेना के साथ उनके भयानक टकराव के बारे में पढ़ें, इस कॉमिक में, मुर्दो की ट्रेन।

मुर्दो की ट्रेन कहानी – 4/10

एक जटिल रूप से तैयार की गई डरावनी कहानी भी हमारे समाज की कुछ प्रचलित बुराइयों पर केंद्रित है। मुर्दो की ट्रेन जटिलताओं की परतों के साथ भरपूर होने के बावजूद एक स्पष्ट और सीधी कहानी है जिसकी साड़ी गुत्थी एक एक कर के सुलझती चली जाती है। हालाँकि, दुर्भाग्य से, यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरती है क्यूंकि यह कहानी अनावश्यक रूप से खींची हुई है। कहानी विभिन्न प्रकार की खामियों से भरी हुई है।

विषय – 6/10

कहानी मुख्य रूप से हॉरर शैली के इर्द गिर्द घूमती है, लेकिन जहाँ तहाँ आप को रोमांस का स्पर्श देखने को भी मिलता है। इसमें एक सफल बॉलीवुड हॉरर फिल्म जैसे सभी तत्व थे, लेकिन फिर भी कहानी में कोई भी नयापन नहीं है।

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गति – 3/10

गति बेहद धीमी है, जो इसे बहुत उबाऊ बनाती है। मुर्दो की ट्रैन एक ऐसी कॉमिक है जिसे ख़तम करना आप के लिए एक जबरदस्ती का कार्य बन जाता है। 

पकड़ – 3/10

कहानी पकड़ बनाने में कामयाब रहती है क्यूंकि आप ये जान ने के लिए उत्सुक रहेंगे की आगे क्या होने वाला है  लेकिन आगे किसी भी तरह का कोई भी ऐसा घटनाकर्म नहीं घटता जो किसी प्रकार का प्रभाव डाल सके।

प्रभाव – 4/10

खैर, मेरी उम्मीदें कम थीं, फिर भी इस कॉमिक को पढ़ने के बाद भी, इस कहानी का मुझ पर लगभग कोई प्रभाव नहीं पड़ा। कहानी को पढ़ना वास्तव में दयनीय था। बहुत सारे पात्रों का कहानी में जगह जगह प्रवेश होता है और बेतरतीब ढंग से बाहर भी निकल जाते है, जिससे कुल मिला के प्रभाव और खराब हो गया। 

संवाद – 5/10

संवाद ठीक ठाक हैं। लेकिन अगर ध्यान दिया जाता तो निश्चित रूप से ये जरूर कथा की गति और प्रभाव को बेहतर बना सकते थे।  ऐसा लगता है कहानी को किसी भी मसाला फिल्म की तरह बनाने की कोशिश की गई है लेकिन ये उसमे भी कारगर साबित नहीं हो पाई।  संवाद बहुत ही नीरस और उबाऊ लगते है।

चित्रांकन और रंगसज्जा – 5/10

चित्रांकन औसत है। चित्रांकन में विवरण की कमी है। हालांकि कला सुसंगत दिखती है, लेकिन ऐसा लगता है, कलाकार ने अपने कौशल और प्रतिभा का न्यूनतम उपयोग किया है, जो थोड़ा दुखद है, क्योंकि यह आकर्षक नहीं लगता है।

रंग चित्रांकन और कहानी की शैली के अनुकूल है, लेकिन निश्चित रूप से, बहुत बेहतर हो सकता था। सुधार की बहुत गुंजाइश है।

ग्राफिक डिजाइन और अभिलेख – 1/10

ग्राफिक डिजाइन वास्तव में निराशाजनक है। उपयोग किए गए फोंट बहुत अजीब है और कहीं कहीं पढ़ने में मुश्किल होते हैं।

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स्पीच बबल प्लेसमेंट में त्रुटियां हैं। इसके अलावा, गड़बड़ इतनी बड़ी है की कुछ स्पीच बबल खाली भी छूट गए है।  कुछ वर्तनी की गलतियाँ भी हैं और ये सभी खराब संपादन, डिजाइनिंग और लेटरिंग की ओर इशारा करते हैं जो निश्चित रूप से स्वीकार्य नहीं है।

Video Review – Murdo Ki Train

टीम के सदस्य

  • लेखक – वर्षा
  • विसुअल डेवलपमेंट और इंकिंग  – तनुश्री रॉय पॉल
  • रंग – संचित अग्रवाल, देबेंदु सरकार
  • अभिलेख  – देबेंदु सरकार

अधिक  जानकारी

  • पृष्ठों की संख्या – 72
  • पृष्ठ का प्रकार – चमकदार
  • कवर – पेपरबैक
  • भाषा – हिंदी
  • एमआरपी – ₹160

कहाँ से खरीदे

आप मुर्दो की ट्रैन comicsadda.com की वेबसाइट से खरीद सकते है।

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Murdo ki Train - Review by Comic Scoop
  • 4/10
    Story - 4/10
  • 5/10
    Dialogues - 5/10
  • 5/10
    Artwork and Coloring - 5/10
  • 1/10
    Letters and Graphic Design - 1/10
3.8/10

Summary - Murdo ki Train

शहर से दूर बाहरी इलाके में एक छोटा सा रेलवे स्टेशन, जहां हर रात 12 बजे ‘मृतकों की ट्रेन’ (मुर्दो  की ट्रेन) आती है। अंधेरा होने के बाद स्टेशन पर जाने की किसी की हिम्मत नहीं होती। और अगर कोई संयोगवश रात में स्टेशन पर आता है। ट्रेन ऑफ द डेड से मृतक उन दुर्भाग्यपूर्ण आत्माओं को उनमें से एक में बदल देते हैं।

मुर्दो की ट्रैन कॉमिक का आर्टवर्क औसत से निचले स्तर का है वहीँ इसकी कहानी काफी खींची हुई लगती है। मुर्दो की ट्रैन कॉमिक प्रतिलिपि एप्प पर आप मुफ्त में भी पढ़ सकते है। इस कॉमिक को खरीद के संग्राहक के रूप में रखना चाहते है तो जरूर खरीदिये लेकिन हमारा सुझाव है की आप एक बार इस कॉमिक को प्रतिलिप पर पढ़ और देख लीजिये और उसकी के बाद फैसला लीजिये।

 

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