प्रेमम #2 (MAZE COMICS) – समीक्षा अंदर के चित्रांकन के साथ
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प्रेमम #2 (MAZE COMICS) – समीक्षा अंदर के चित्रांकन के साथ

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प्रेमम भाग 2 – कहानी का सार

प्रेमम भाग 2 में यश मीरा का पीछा करता एक अनजान दुनिया, समय या आयाम में पहुँचता है।  लेकिन यश की खोजबीन के बाद भी उसे मीरा का नाम और निशान नहीं मिलता।  इस खोजबीन में यश की मुलाकात होती है कुछ नए किरदारों से जिनका नाम है ब्रोंटो और थेरी। जिनसे यश को पता चलता है की इस विचित्र और अनजान दुनिया में एक जुंग छिड़ी हुई है जिसमे कुछ भक्षक, तो कुछ रक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। परिस्थितिओं के अनुकूल जा कर यश ब्रोंटो और थेरी की मदद करने का निर्णय लेता है वहीँ बदले में ब्रोंटो और थेरी उसे मीरा से मिलवाने में मदद का आश्वाशन देते है। प्रेमम भाग 2 में इसी विचित्र दुनिया और इस में रहने वाले तरह तरह के जीवो पर ध्यान केंद्रित किया गया है। लेकिन सवाल ये है की क्या यश और मीरा मिल पाए या नहीं।  इसका जवाब आपको मिलेगा प्रेमम भाग 2 को पढ़ कर। 

प्रेमम भाग 2 की कहानी – 5.2

प्रेमम का अगर भाग 1 आपने पढ़ा होगा तो आप भली भाँती जानते है की उसका अंत एक ऐसे मोड़ पर हुआ था जिस से कहानी में दिलचस्पी और आगे के भागो के लिए उतसाफ बढ़ गया था। शायद इसके पीछे का कारण कहानी का अंत जिस ढंग से हुआ उसने कल्पना के कई सारे द्वार खोल दिए थे। 

लेकिन भाग 2 में कहानी ज्यादा आगे नहीं बढ़ती और न ही किसी भी पहलु से आप को हैरत में डालती है।  कहानी की गति जितना तेज़ पहले भाग में थी उतनी धीमी इस भाग में रहती है। कहानी की गति – 6

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कहानी का विषय – कहानी के भाग २

भाग 2 का विषय कमजोर है और ऐसा महसूस करवाता है जैसे कहानी को अन्यथा ही भरा गया है।  जब की कहानी का मुख्य केंद्र यश और मीरा ही रहना चाहिए था।  इसके बावजूद यश का किरदार इस नयी दुनिया में शायद आगे चल कर किसी तरह सार्थक साबित किआ जा सकता है।  इसके बारे में कुछ भी कहना अभी मुश्किल है।  विषय को 5

कहानी का असर – कहानी का असर मिला जुला रहा।  जिस तरह आखिरी भाग के अंत में आप उत्साहित हुए होंगे कुछ वैसा ही देखने को यहाँ भी मिला है जिसकी वजह से अब आपको इंतज़ार रहेगा यश और मीरा के अगले सफर का।  असर को – 5

कहानी की पकड़ कहानी के किरदारों के नाम और मीरा की खोज से कहानी को दूर ले जाने के कारण प्रभावित होती है।  कहानी की पकड़ को 5 

प्रेमम भाग 2 – (अभिलेख और संवाद) – 8

प्रेमम भाग 2 के संवादों में पहले से सुधार हुआ है लेकिन संवाद कहानी के असर को बेहतर करने में असमर्थ रहते है।  कहानी में किरदारों को जिस तरह के नाम दिए है वो हिंदी में पढ़ने में मुश्किल भी आती है।  हमें लगता है की किरदारों को अंग्रेजी नाम देने की कोई आवश्यकता नहीं थी।  संवाद को 6

अभिलेखों में कोई समाया नहीं प्रतीत होती । कुल अंक 10

प्रेमम भाग 2 – कहानी का चित्रांकन और रंगसज्जा – 8

कहानी के चित्रांकन में पहले से काफी सुधार हुआ है।  नए किरदारों को जहाँ बहुत अच्छे से बनाया गया है वही यश पर जब बात आती है तो उसके चेहरे की बनावट आप को किरदार से जोड़ने में असफल रहती है।  प्रेमम भाग 2 की दुनिया को बहुत अच्छे से दिखाया और सजाया गया है।  चित्रांकन की अकेली समस्या किरदारों के चेहरे है जो की पहले से बेहतर हुए है।

रंगसज्जा भी पहले से बेहतर हुई है।  प्रेमम भाग १ और २ की रंगसज्जा नवल थनवाला ने की है।

  • चित्रांकन – 8
  • रंगसज्जा – 8
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प्रेमम भाग 2 का कवर आर्ट (मुख्य आवरण) – 8.5

प्रेमम भाग २ भी ३ आवरणों के साथ प्रकशित हुई है।  इस बार आवरण तुलनात्मक दृष्टिकोण में पहले से कमज़ोर है।  तीनो ही आवरण लाली कुमार सिंह ने बनाये ह।  आवरण a और आवरण c में रंगसज्जा आदित्य दामले ने की है और आवरण b में भक्त रंजन ने। तीन में से दो आवरण आकर्षक है हालांक। कवर c में चित्रांकन बहुत कमज़ोर है जिसकी वजह से हम कुल मिला कर 8.5 अंक देते है ।

Premam Cover A
Premam Cover B
Premam Cover C

प्रेमम भाग 2 के मुख्य सदस्य

प्रेमम – कहाँ से खरीदे

प्रेमम को आप  MAZECOMICS.IN से या फिर COMICSADDA.COM से खरीद सकते है। 

प्रेमम के बारे में अधिक जानकारी

  • कुल पन्ने – 24
  • कहानी के पन्ने – 22
  • भाषाओ में उपलब्ध – हिंदी
  • पेपर – ग्लॉसी

About Post Author

Bhupinder Thakur Superunique

I am very bad at many areas where am supposed to be perfect in eyes of professionalism and society. I think I can also achieve something someday by which people will also start following me. Therefore, I never take any decision blindly or if someone says me to do so. I follow what I feel or what my inner self tells me to. I am a Deist who believes in God but not in religion. There is no agenda with my blog. I made it just to express myself. If it hurt one's beliefs, sentiments or pride; please ignore and pardon me.
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प्रेमम #2 समीक्षा
  • 5.2/10
    कहानी - 5.2/10
  • 8/10
    अभिलेख और संवाद - 8/10
  • 8/10
    चित्रांकन और रंगसज्जा - 8/10
  • 8.5/10
    मुख्य आवरण - 8.5/10
7.4/10

प्रेमम 2 सार

प्रेमम भाग 2 में यश मीरा का पीछा करता एक अनजान दुनिया, समय या आयाम में पहुँचता है। लेकिन यश की खोजबीन के बाद भी उसे मीरा का नाम और निशान नहीं मिलता। इस खोजबीन में यश की मुलाकात होती है कुछ नए किरदारों से जिनका नाम है ब्रोंटो और थेरी। जिनसे यश को पता चलता है की इस विचित्र और अनजान दुनिया में एक जुंग छिड़ी हुई है जिसमे कुछ भक्षक, तो कुछ रक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। परिस्थितिओं के अनुकूल जा कर यश ब्रोंटो और थेरी की मदद करने का निर्णय लेता है वहीँ बदले में ब्रोंटो और थेरी उसे मीरा से मिलवाने में मदद का आश्वाशन देते है। प्रेमम भाग 2 में इसी विचित्र दुनिया और इस में रहने वाले तरह तरह के जीवो पर ध्यान केंद्रित किया गया है। लेकिन सवाल ये है की क्या यश और मीरा मिल पाए या नहीं। इसका जवाब आपको मिलेगा प्रेमम भाग 2 को पढ़ कर।

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4 thoughts on “प्रेमम #2 (MAZE COMICS) – समीक्षा अंदर के चित्रांकन के साथ

  1. Mujhe jyada pages ki Comic hi prefer karta hu , Premam issue 1 me bhi bad 26 pages hi hai aur isme 24 matlab padhna shuru hi kara aur khatam ho gayi☹️ , kam se kam 36 pages toh hona hi chahiye jaise Bullseye press ki comics me aate hai with same price.

  2. Comicscoop is doing real gem work..i prefer there non biased reviews which are too rear these times..before comicscoop it was shri bhupinder ji only becoz of his reviews i tried hce publication other projects and i was never felt regret for it..keep going and i wish we will get the reviews in the same nom biased ways..tursted and genuine review site of comics..thanxs..next step dc marvel image etc.. thanxs again for working for the comics lover as a comics lover.

  3. Premam #2 is better than the previous issue in almost every aspect. The storytelling has improved because in #2, there’s no skipping, no cheesy and cringy over the top dialogues which was abundant in #1 which kinda ruined the experience, infact, the Panel-to-panel transitions are better and not jumpy like that in #1. So yeah, apart from the less amount of reading material and toxic breath of Carbonosaurus, there’s nothing much to complain about in this issue. Beautiful storytelling, gorgeous color scheme, well above average artwork, and as usual, a cliffhanger… You can go for it guys!

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